27 से 31 जुलाई,2009 तक चायना के कुनमिंग शहर के युन्नान विश्वविद्यालय में इन्टरनेशनल यूनियन ऑफ एंथ्रोपोलोजिकल एंड एथोनोजिकल साइंस की 16 वीं वर्ल्ड कांग्रेस का आयोजन था। इसमें दुनिया भर से 2400 सेअधिक लोग आमंत्रित थे जो 93 देशों प्रतिनिधित्व कर रहे थे। इनमें भारत के 529 भागीदार थे। ये भारत के विभिन्न विश्वविद्यालय,महाविद्यालय,स्रोत संस्थाओं और गैर सराकारी संगठनों से थे। इनमेंप्राध्यापक,विभागाध्यक्ष,सहायक प्राध्यापक,शोध छात्र शामिल थे। 15 भागीदार मैसूर से थे, जिनमें से डॉ.सरस्वतीजी. भी थीं(ऊपर फोटो में)। उन्हें इस कांग्रेस में Medical Pluralism sectors of Health Care and Health Seeking :Problems and Perspectives in Critical Medical Anthropology विषय परआयोजित पेनल डिस्कसन में Divergence from Medicine To Modern Medicine among Soiliga Tribe of B.R.Hills,Chamrajanagar District,Karnatak पर पेपर पढ़ने के लिए आमंत्रित किया गया था।
गुरुवार, 10 सितंबर 2009
चायना में चामराज नगर की चर्चा
27 से 31 जुलाई,2009 तक चायना के कुनमिंग शहर के युन्नान विश्वविद्यालय में इन्टरनेशनल यूनियन ऑफ एंथ्रोपोलोजिकल एंड एथोनोजिकल साइंस की 16 वीं वर्ल्ड कांग्रेस का आयोजन था। इसमें दुनिया भर से 2400 सेअधिक लोग आमंत्रित थे जो 93 देशों प्रतिनिधित्व कर रहे थे। इनमें भारत के 529 भागीदार थे। ये भारत के विभिन्न विश्वविद्यालय,महाविद्यालय,स्रोत संस्थाओं और गैर सराकारी संगठनों से थे। इनमेंप्राध्यापक,विभागाध्यक्ष,सहायक प्राध्यापक,शोध छात्र शामिल थे। 15 भागीदार मैसूर से थे, जिनमें से डॉ.सरस्वतीजी. भी थीं(ऊपर फोटो में)। उन्हें इस कांग्रेस में Medical Pluralism sectors of Health Care and Health Seeking :Problems and Perspectives in Critical Medical Anthropology विषय परआयोजित पेनल डिस्कसन में Divergence from Medicine To Modern Medicine among Soiliga Tribe of B.R.Hills,Chamrajanagar District,Karnatak पर पेपर पढ़ने के लिए आमंत्रित किया गया था।
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