बंगलौर में यह मेरी पहली सक्रांति थी। होशंगाबाद की नर्मदा नदी,तिल के लड्डू और घर की दाल बाटी की याद याना स्वाभाविक था। सक्रांति यहां भी मनाई जाती है। और पड़ोस के राज्य यानी तमिलनाडु में पोंगल के नाम से। सो सक्रांति की छुट्टी तो थी। जिस बिल्डिंग में रहता हूं, वहां मेरे दो और साथी ,जो स्वयं उत्तर भारतीय हैं ,और मकर संक्राति से अच्छी तरह परिचित हैं। हम सब अकेले ही हैं। मेरा परिवार भोपाल में है। और बाकी दोनों की अभी शादी नहीं हुई।





