बुधवार, 23 फ़रवरी 2011

हम साथ साथ हैं......


पिछले दिनों काम के सिलसिले में बंगलौर से 60 किलोमीटर दूर एक गांव सत्‍याहल्‍ली में जाना हुआ। रात भर वहीं रहे एक घर में । कैमरा साथ था सो ये साथ चले आए।  


                                 फोटो* राजेश उत्‍साही

8 टिप्‍पणियां:

  1. काश हम इंसान इनसे कुछ सबक लें...अलग अलग जाती प्रजाति रंग बोली रूप होने के बावजूद तीनो साथ साथ प्रेम से रह रहे हैं...

    नीरज

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  2. इन्सान ऐसा बन ही नहीं सकता है की मिल कर रहे वो कहेगा की हम मिल कर क्यों रहे हम क्या इनकी तरह जानवर है क्या |

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  3. काश ऐसा प्रेम हम आदमियों के बीच होता.. बहुत सुन्दर !

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  4. हमें तो इनसे सबक लेना चाहिए....काश इतना प्यार हम इंसानों में होता ..तो रोज की मार-काट बच जाती.....
    बहुत सुंदर तस्वीरें.....

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  5. बहुत कुछ कहते हैं ये फोटोग्राफ्स . संवेदना इन्हें खींचनेवालों में भी कम नहीं. आभार.

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