रविवार, 1 जनवरी 2012

ऐसे हुआ स्‍वागत 2012 का

किसी ने पूछा कि आप नए साल के लिए क्‍या कर रहे हैं। मैंने कहा, मुझे क्‍या करना है। जो कुछ करना है वह तो नया वर्ष ही करेगा। अब 2012 को तो आना ही था,वैसे जैसे कि पिछले  साल आते रहे हैं। पर शायद इस बार कुछ नया होना तय था। 

सोमेन-शिखा
अपन तो अपने दड़बे में बैठे नए साल का इंतजार कर रहे थे। कि अचानक जैसे नए साल ने अपने प्रतिनिधि के रूप में शिखा को भेज दिया। दरवाजा खोलते ही वे अंदर चली आईं। 
पूछने लगीं, 'आज आप का क्‍या कार्यक्रम है ।' 
मैंने कहा' कुछ नहीं ।' 
वे बोलीं, 'तो आज आप हमारे साथ खाना खाइए। क्‍या खाएंगे आप। हम पूड़ी-सब्‍जी बना रहे हैं। मटर की सब्‍जी खाएंगे या पनीर की । ' 
मैं बस सिर हिला रहा था। मैंने कहा, 'आप जो बनाएंगी वह खा लेंगे।' 
फिर ठीक है,' हम रात को आठ बजे मिलते हैं।' शिखा चली गईं। 

शिखा से पुराना परिचय है। वे कुछ दिनों के लिए एकलव्‍य में थीं। फिर कुछ समय अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन में । आजकल वे दिल्‍ली में एमफिल कर रही हैं। उनके पति सोमेन बंगलौर में ही हैं, सो नया साल मनाने चली आई हैं। सोमेन मेरे पड़ोस में ही रहते हैं।

सोमेन और शमशाद
थोड़ी देर बाद शिखा फिर लौंटी। कहने लगीं,  'शमशाद जी को भी बुला लीजिए।' शमशाद भी अजी़म प्रेमजी फाउंडेशन में हैं। वे भी पड़ोसी हैं। 

तो लीजिए देखते ही देखते नए साल के स्‍वागत की योजना बन गई। 

शमशाद, राजेश और शिखा
खाना शिखा और सोमेन ने बनाया। पूड़ी,आलू-मटर की सब्‍जी,चावल और रायता। सोमेन और शमशाद के लिए फिश थी। खाना स्‍वादिष्‍ट था। केक वे बाजार से ले आए थे।  दो मेजबान थे और  तीन मेहमान।तीन यानी मैं,शमशाद और नया साल। 

स्‍वागत है 2012
जैसे ही रात के बारह बजे शिखा केक लेकर हाजिर थीं। अब देखिए एक जनवरी को मेरी पत्‍नी श्रीमती निर्मला जी का जन्‍मदिन भी होता है। जैसे ही मैंने यह राज खोला,सब कहने लगे यह तो सोने पर सुहागा हो गया। तय किया गया कि केक मुझे काटना होगा। मैं केक काट रहा था और सब गा रहे थे 'हैप्‍पी बर्थ डे टूयू निर्मला जी ।' बाहर पटाखे फूट रहे थे।

जन्‍मदिन मुबारक नीमा

शायद जिंदगी में पहली बार मैंने केक काटा था। शायद निर्मला के नाम पर जिंदगी में पहली बार केक कटा था। शायद जिंदगी में पहली बार नए साल का स्‍वागत इस तरह किया था। सच तो यह है कि जिंदगी में हर चीज पहली बार ही होती है। 

शुक्रिया शिखा, शुक्रिया सोमेन, शुक्रिया शमशाद जी। आप सबने मिलकर 2012 का आगमन यादगार बना दिया। कहते हैं आगाज अच्‍छा हो तो अंजाम भी अच्‍छा होता है। और यह भी कि आशा पर आसमान टिका है। 
*
2012 के आसमान पर बहुत से सपनों की निगाहें हैं। 
                                                                                                                                                       0 राजेश उत्‍साही 

11 टिप्‍पणियां:

  1. चलिए अच्छा ही हुआ...इसी बहाने आपने केक काटा तो :P
    निर्मला जी को बिलेटेड हैप्पी बर्थडे!

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  2. RAJESH JI,
    NAYE VARS ME KAI DINO BAAD YAYAWARI PADHANE KO MILEE. AAPKO SABHEE KO 'HAPPY NEW YEAR'
    UDAY TAMHANEY.
    BHOPAL.

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  3. BHABHI JI, YAH POST PADH RAHI HOGEE UNHE HAMARI OR SE BHI 'HAPPY BIRTHDAY'
    UDAY TAMHANEY.
    BHOPAL.

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  4. BHABHI JI, YAH POST PADH RAHI HOGEE UNHE HAMARI OR SE BHI 'HAPPY BIRTHDAY'
    UDAY TAMHANEY.
    BHOPAL.

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  5. BHABHI JI, YAH POST PADH RAHI HOGEE UNHE HAMARI OR SE BHI 'HAPPY BIRTHDAY'
    UDAY TAMHANEY.
    BHOPAL.

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  6. BHABHI JI, YAH POST PADH RAHI HOGEE UNHE HAMARI OR SE BHI 'HAPPY BIRTHDAY'
    UDAY TAMHANEY.
    BHOPAL.

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  7. वाह वाह वाह वाह...यह तो बढ़िया पोस्ट छूटे जा रही थी। आपके लिए नव वर्ष का पहला दिन तो खुशियाँ लेकर ही आता है। बढ़िया ढंग से मनाया और हम से साझा किया यह दिन। हमारी बधाई और शेष दिनो के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं।

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  8. अच्छी शुरुआत हुई है नए साल की...ये सिलसिला चलता रहे...अनवरत...

    नीरज

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  9. यह तो नववर्ष की सुखद सुरवात हुई..
    बहुत ही रोचक सचित्र प्रस्तुति पढ़कर बहुत अच्छा लगा..
    भाभीश्री को जन्मदिन और सपरिवार नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें.. .

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  10. राजेश जी, निर्मला जी को आप हमारी और से शुभकामनाये कहें। मुझे सबसे अच्छा लगा स्क्रीन पर लगी पत्तियां, मन करता है देखती रहूँ ।

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