पिछले तीन साल में तीसरी बार मुझे बंगलौर ट्राफिक को
गाली देने का मन हुआ। शनिवार 21 जनवरी की शाम मैं मिलने जा रहा था बिहारी ब्लागर
यानी सलिल वर्मा से और ट्राफिक था कि चींटी की चाल से खिसक रहा था। मैं बस में
बैठा बस खीझ रहा था। वहां लालबाग में सलिल वर्मा और करण समस्तीपुरी मेरा इंतजार
कर रहे थे।