| मैंने पिछले दिनों ही एक कैमरा खरीदा है। तो बस ट्रेन में बैठे-बैठे यह फोटोग्राफी की। विध्यांचल की पर्वतमाला के किनारे बहती नर्मदा । यह फोटो बुदनी के पास नर्मदा पुल पर गुजरती ट्रेन से ही लिया है। |
| होशंगाबाद से इटारसी की तरफ जाते हुए आदमगढ़ की पहाड़ी। यहां भी भीमबैठका के समकालीन शैलचित्रों का खजाना है। यह पहाड़ी भी मेरी यायावरी की गवाह है। |